राजस्थान की प्रशासनिक विशेषताएँ

राजस्थान की प्रशासनिक विशेषताएँ

राजस्थान की प्रशासनिक विशेषताएँ 

  • स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् 30 मार्च, 1949 से 1 नवम्बर, 1956 तक महाराजा सवाई मानसिंह राजस्थान के एकमात्र राजप्रमुख (राज्यपाल के समकक्ष) रहे, जो बाद में स्पेन में भारत के राजदूत बने ।
  • राज्य में पहले आम चुनाव जनवरी, 1952 में हुए। इस चुनाव में राज्य विधानसभा में 160 सीटे थीं। राज्य की पहली विधानसभा की पहली बैठक 29 मार्च, 1952 को जयपुर के सवाईमानसिंह टाउन हॉल में सम्पन्न हुई, यही टाउन हॉल विधानसभा भवन बन गया।
  • राजस्थान विधानसभा का नया भवन ज्योतिनगर (जयपुर) में वर्ष 2001 में जोधपुर एवं करौली के पत्थरों से बनाया गया। इस भवन का लोकार्पण तत्कालीन राष्ट्रपति के.आर. नारायणन ने 6 नवम्बर, 2001 को किया। भवन के चार प्रवेश द्वारों में जयपुर, मेवाड़, जोधपुर एवं शेखावाटी क्षेत्र की स्थापत्य कला झलकती है।
  • राजस्थान के गठन के समय 1 नवम्बर, 1956 तक अजमेर-मेरवाड़ा की पृथक विधानसभा ‘धारा सभा’ थी, जिसमें 30 सदस्य थे।
    1977 ई. के परिसीमन के पश्चात् राजस्थान विधानसभा में सदस्य संख्या 200 हो गई, जो 2026 ई. तक यथावत् रहेगी।
  • राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थापना 29 अगस्त, 1949 को जयपुर में की गई थी। सत्यनारायणराव समिति की सिफारिश पर इसे 1958 ई. में जोधपुर स्थानान्तरित कर दिया गया। बाद में इसकी एक खण्डपीठ 31 जनवरी, 1977 को जयपुर में स्थापित की गई।
  • राजस्थान उच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश श्री कमलकान्त वर्मा थे। श्री कैलाशनाथ वाँचू अब तक सर्वाधिक पदावधि तक रहने वाले मुख्य न्यायाधीश हैं।
  • राजस्थान विधानसभा के पहले अध्यक्ष झुंझुनूं से कांग्रेस विधायक नरोत्तमलाल जोशी थे। पहले उपाध्यक्ष उदयपुर के लालसिंह शक्तावत थे।
  • राज्य की पहली महिला विधायक श्रीमती यशोदा देवी बाँसवाड़ा से 1953 के उपचुनाव में चुनी गई जो प्रजा समाजवादी पार्टी की विधायक (एम.एल.ए.) थीं।
  • राज्य में प्रथम गैर कांग्रेसी सरकार का गठन वर्ष 1977 में जनता पार्टी द्वारा हुआ, भैरोंसिंह शेखावत पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने।
  • राज्य के प्रथम दस विधानसभा चुनावों में लगातार जीतने वाले एकमात्र व्यक्ति हरिदेव जोशी थे।
  • राज्य के प्रथम मनोनीत मुख्यमंत्री श्री हीरालाल शास्त्री (08.04. 1949 से 05.01.1951 तक) जोबनेर (जयपुर) के निवासी थेजबकि राज्य के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री श्री टीकाराम पालीवाल, (03. 03.1952-01.11.1952) मण्डावर (दौसा) के निवासी थे। राजस्थान में अनुसूचित जाति (S.C.) के पहले मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया भुसावर (भरतपुर) के निवासी थे।
  • राज्य में सर्वाधिक अवधि तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड मोहनलाल सुखाड़िया के नाम है। स्व. सुखाड़िया 1954 से 1971 तक लगभग 17 वर्ष तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। इन्हें ‘आधुनिक राजस्थान का निर्माता’ कहा जाता है।
  • श्री हीरालाल देवपुरा राजस्थान में सबसे कम अवधि के लिए । 1985 में मुख्यमंत्री रहे हैं। (मात्र 16 दिन)

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