राजस्थान में ऊर्जा संसाधनों का विकास ( Rajasthan Energy Sources )

 राजस्थान में ऊर्जा संसाधनों का विकास

हेलो दोस्तों स्वागत है आपका examsector.com में। आज हम ‘राजस्थान में ऊर्जा संसाधनों का विकास’ के बारे में पढ़गे। राजस्थान सरकार द्वारा ‘राजस्थान में ऊर्जा संसाधनों का विकास’ के लिए बहुत सारी योजना निकली ताकि राजस्थान में ऊर्जा संसाधनों का विकास हो। राजस्थान एक मात्र देश का पहला राज्य है , जहाँ एक ही चरण में विघुत क्षेत्र सुधार कार्यक्रम को अपनाया गया है। 11 वीं पंचवर्षीय योजना में विघुत क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए राज्य की कुल योजना का 37 % हिस्सा खर्च होगा।

राजस्थान राज्य एक विशालकाय राज्य होने के कारण यहाँ पर ऊर्जा की खप्त भी ज़्यदा होनी जायज सी बात है इसलिए राजस्थान सरकार ने ऊर्जा संसाधनों के विकास के लिए बहुत सारी योजनाओं की शुरुआत की ताकि राजस्थान में ऊर्जा के संसाधनों में विकास हो सके।

  • राजस्थान निर्माण के समय यहाँ 15 छोटे विघुत गृह थे जिनकी कुल स्थापित विघुत  क्षमता मात्र 13.27 मेगावाट थी एवं प्रदेश के केवल 26 शहर एवं कस्बे तथा 16 कस्बे तथा 16 गाँव ही विघुतीकृत थे। राजस्थान में विघुत विकास हेतु सर्वप्रथम व्यवस्थित प्रयास 1 जुलाई, 1957 को राजस्थान राज्य विघुत मण्डल की स्थापना के साथ प्रारम्भ हुए।
  • राजस्थान विघुत नियामक आयोग (Rajasthan Electricity Regulatory Commission) का गठन 2 जनवरी, 2000 को किया गया। यह आयोग विघुत उत्पादन, प्रसारण एवं वितरण कम्पनियों को लाइसेंस जारी करने एवं विघुत की दरें (Tarrif) निर्धारित करने का कार्य करता है।
  • राजस्थान सरकार ने राजस्थान विघुत क्षेत्र सुधार अधिनियम, 1999 पारित करवाया, जो 1 जून, 2000 से लागू किया गया।

राज्य में ऊर्जा के पारम्परिक व गैर-पारम्परिक दोनों ही प्रकार के स्रोत विकसित हुए हैं।
(i) पारम्परिक ऊर्जा स्रोत—ये वे ऊर्जा स्रोत हैं, जिन्हें मानव परम्परा से हजारों वर्षों से उपयोग में लेता आ रहा है तथा इनके भण्डार सीमित हैं, जैसे—कोयला, खनिज तेल, आणविक खनिज एवं प्राकृतिक गैस।
(i) गैर-पारम्परिक ऊर्जा स्रोत–जिनका उपयोग निकट भूतकाल में ही होना प्रारम्भ हुआ तथा ये सतत् प्राप्त होने रहने वाले स्रोत हैं, जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, बायो गैस, भूतापीय ऊर्जा, बायोमास इत्यादि।

निर्माणधीन विद्युत परियोजनाएँ

नाम  परियोजना का प्रकार
कपूरडी-जालिपा (बाड़मेर)  लिग्नाइट ताप परियोजना (मैसर्स वेस्ट पॉवर जयपुर)
कालीसिंध (झालावाड़)    थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट (राज्य का तीसरा थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट होगा)
कवई-छबड़ा (बारां)              तापीय विद्युत परियोजना (निजी क्षेत्र)
छबड़ा (बारां)        थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट द्वितीय चरण
गिरल (बाड़मेर)      लिग्नाइट थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट प्रथम चरण द्वितीय इकाई
हाडला (बीकानेर)    लिग्नाइट तापीय विद्युत परियोजना

   

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