Interesting facts about AIDS (H.I.V)

Interesting facts about AIDS (H.I.V)

 **एड्स (H.I.V) के बारे में रोचक तथ्य **

  •  एड्स का नाम तो बचपन से सुनते आए हैं लेकिन कभी किसी को इसके बारे में खुलकर बात करते नही देखा. पता नही क्यूँ, लोग ऐसी बाते करने से कतराते हैं. खैर छोड़िए, हम हैं ना आपको AIDS के बारे में पूरी जानकारी देने के लिए :-
  1.  दुनियाभर में 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे के रूप में मनाया जाता है। AIDS का International Symbol “लाल रिबन” है जो 1991 में अपनाया गया था.
  2.  AIDS इतनी खतरनाक है कि अब तक इससे ढाई करोड़ लोग मारे गए है.
  3.  AIDS चार शब्दों से बना है. वो है – Acquired = जो आप ने प्राप्त किया, Immuno = शरीर की प्रतिरक्षा, Deficiency = कमी और Syndrome = संलक्षन. इसका अर्थ है कि वह बिमारी जो आपके शरीर की खुद की रक्षा करने की power को कम कर देती है.
  4.  HIV का अर्थ है – Human = मानव, Immuno deficiency = जो प्रतिरक्षा को कम करे और Virus = विषाणु. अर्थात् वह विषाणु जो किसी शरीर के अंदर उसकी रक्षा करने की शक्ति को कम करे.
  5.  एड्स का पहला मामला 1959 में अफ्रीकी देश कॉंगो में सामने आया था, जब एक व्यक्ति की मौत हो गई। उसके खून की जांच की गई तो पता चला कि उसे एड्स था।
  6.  HIV से संबंधित सबसे सरल सिद्धांत को “Hunter Theory” कहा जाता है. इसके अनुसार 1930 के दशक में अफ्रीका में किसी व्यक्ति को पीड़ित बंदर ने काट लिया जा उसने बंदर का मास खा लिया जससे वह HIV पीड़ित हो गया. इसके बाद सेक्स संबंधों कारण यह फैलता गया.
  7.  WHO के मुताबिक, दुनिया में 3 करोड़ 26 लाख लोग एचआईवी पीड़ित हैं। एड्स पीड़ितों के मामले में साऊथ अफ्रीका पूरी दुनिया में पहले पायदान पर है। यहां कुल जनसंख्या में से दस प्रतिशत से ज्यादा लोग एड्स पीड़ित हैं। यहाँ हर रोज एड्स के कारण 4300 लोग मरते है। आंकड़ों की मानें तो यहां 56 लाख लोग एड्स से पीड़ित हैं ।
  8.  एड्स पर बनी पहली हॉलीवुड फिल्म का नाम “एंड द बैंड प्लेड ऑन” था।
  9.  HIV विषाणु कमरे के तापमान ( 25 डिग्री C) पर भी सूखे खून में 10-15 दिन तक जीवित रह सकते है. जैसे के उपयोग किए हुए टीके या सुई में.
  10.  HIV विषाणु 60 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान होने पर मारे जाते है.
  11.  बिल्लियां मनुष्य की बहुत ही अच्छी दोस्त हैं. इन्हें भी एड्स के समान ही एक बीमारी होती है, जिसे एफआईवी कहते हैं. एचआईवी और एफआईवी में यह समानता है कि इनमें इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है.
  12.  भारत में एड्स का पहला मामला 1986 में चेन्नई में सामने आया था। विदेशी टूरिस्टों के संपर्क में आने और सही सुरक्षा ना बरतने से इस महिला को एड्स हुआ। बता दें कि इस मामले के एक साल के अंदर भारत में एड्स से जुड़े 135 अन्य मामले सामने आए थे।
  13.  Swaziland में अगर कोई लड़की मरती है तो 80% चांस है कि वह एड्स से मरी होगी।
  14.  पूरी दुनिया में हर दिन 900 नए बच्चे AIDS के शिकार हो रहे है।
  15.  अमेरिका में AIDS का 5 में से 1 मरीज ऐसा होता है कि उन्हें पता ही नही है कि वह AIDS से पीड़ित है।
  16.  अफ्रीकी देश बोत्सवाना में एड्स के चलते लोगो की उम्र 65 साल से 35 साल पर आ गयी है।
  17.  AIDS अब तक सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली बिमारी है.
  18.  ग्रीस में पुलिस के पास ये अधिकार है कि वो किसी को भी एचआईवी होने के शक में गिरफ्तार कर सकती है। यही नहीं, वो टेस्ट करा सकती है। और घर से बेघर भी कर सकती है.

कुछ अन्य बिंदु…..

“AIDS के कारण”

1. पीड़ित व्यक्ति के साथ असुरक्षित सेक्स संबंध,
2. दूषित खून से,
3. दुषित टीको और सुईओं से,
4. पीड़ित माता के गर्भ में पल रहे बच्चे को और
5. समलैंगिक संबंध.

“AIDS से बचाव”

1.पीड़ित साथी के साथ सेक्स संबंध न बनाएँ,
2.खून को चढ़ाने से पहले जांच लें,
3.उपयोग की हुई सुईओं और टीके दुबारा न उपयोग करें.

“एड्स से कैसे बचें

  • अपने जीवनसाथी के प्रति वफादार रहें। एक से अधिक व्यक्ति से यौनसंबंध ना रखें।
  • यौन संबंध (मैथुन) के समय कंडोम का सदैव प्रयोग करें।
  • यदि आप एच.आई.वी संक्रमित या एड्स ग्रसित हैं तो अपने जीवनसाथी से इस बात का खुलासा अवश्य करें। बात छुपाये रखनें तथा इसी स्थिती में यौन संबंध जारी रखनें से आपका साथी भी संक्रमित हो सकता है और आपकी संतान पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है !!
  • यदि आप एच.आई.वी संक्रमित या एड्स ग्रसित हैं तो रक्तदान कभी ना करें।
  • रक्त ग्रहण करने से पहले रक्त का एच.आई.वी परीक्षण कराने पर ज़ोर दें।
  • यदि आप को एच.आई.वी संक्रमण होने का संदेह हो तो तुरंत अपना एच.आई.वी परीक्षण करा लें। उल्लेखनीय है कि अक्सर एच.आई.वी के कीटाणु, संक्रमण होने के 3 से 6 महीनों बाद भी, एच.आई.वी परीक्षण द्वारा पता नहीं लगाये जा पाते।
  • अतः तीसरे और छठे महीने के बाद एच.आई.वी परीक्षण अवश्य दोहरायें।

“एड्स !!

  • एड्स को दो प्रकार से परिभाषित किया गया है या तो जब CD4+ टी कोशिकाओं कि संख्या जब २०० कोशिकाएं प्रति μL से कम होती हैं या तो तब जबकि एचआईवी संक्रमण के कारण कोई रोग व्यक्ति के शरीर में उत्पन्न हो जाता है[19]. विशिष्ट उपचार के अभाव में एचआईवी से संक्रमित आधे लोगों के अन्दर दस साल में एड्स विकसित हो जाता है !!
  • सबसे आम प्रारंभिक स्थिति जो कि एड्स की उपस्थिति को इंगित करती है वो है न्युमोसाईतिस निमोनिया (40%), कमजोरी जैसे कि वजन घटना, मांसपेशियों में खिचाव, थकान, भूख में कमी इत्यादि (२०%) और सोफागेल कैंडिडिआसिस (ग्रास नली का संक्रमण) होती है। इसके आलावा आम लक्षण में श्वास नलिका में कई बार संक्रमण होना भी है !!
  • अवसरवादी संक्रमण बैक्टीरिया, वायरस, कवक और परजीवी के कारण हो सकते हैं जो कि आम तौर पर हमारे प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा नियंत्रित हो जाते हैं
  • भिन्न भिन्न व्यक्तियों में भिन्न भिन्न प्रकार के संक्रमण होते है जो कि इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति के आस पास वातावरण में कौन से जीव या संक्रमण आम रूप से पाए जाते है !!.
  • ये संक्रमण शरीर के हर अंग प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं !!

एच.आई.वी. ( HIV )

  • दुनिया भर में इस समय लगभग चार करोड़ 20 लाख लोग एच.आई.वी का शिकार हैं। इनमें से दो तिहाई सहारा से लगे अफ़्रीकी देशों में रहते हैं और उस क्षेत्र में भी जिन देशों में इसका संक्रमण सबसे ज़्यादा है वहाँ हर तीन में से एक वयस्क इसका शिकार है। दुनिया भर में लगभग 14,000 लोगों के प्रतिदिन इसका शिकार होने के साथ ही यह डर बन गया है कि ये बहुत जल्दी ही एशिया को भी पूरी तरह चपेट में ले लेगा। जब तक कारगर इलाज खोजा नहीं जाता, एड्स से बचना ही एड्स का सर्वोत्तम उपचार है।

“एच.आई.वी. तीन मुख्य मार्गों से फैलता है

  • मैथुन या सम्भोग द्वारा (गुदा, योनिक या मौखिक)
  • शरीर के संक्रमित तरल पदार्थ या ऊतकों द्वारा (रक्त संक्रमण या संक्रमित सुइयों के आदान-प्रदान)
  • माता से शीशु मे (गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान द्वारा)
  • मल, नाक स्रावों, लार, थूक, पसीना, आँसू, मूत्र, या उल्टी से एच. आई. वी. संक्रमित होने का खतरा तबतक नहीं होता जबतक कि ये एच. आई. वी संक्रमित रक्त के साथ दूषित न हो !!

“भारत में एड्स…

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में हाल के एक अध्ययन के अनुसार, भारत में लगभग 14-16 लाख लोग एचआईवी / एड्स से प्रभावित है !! हालांकि 2005 में मूल रूप से यह अनुमान लगाया गया था कि भारत में लगभग 55 लाख एचआईवी / एड्स से संक्रमित हो सकते थे। 2007 में और अधिक सटीक अनुमान भारत में एचआईवी / एड्स से प्रभावित लोगों कि संख्या को 25 लाख के आस-पास दर्शाती है। ये नए आंकड़े विश्व स्वास्थ्य संगठन और यू.एन.एड्स द्वारा समर्थित हैं !! संयुक्त राष्ट्र कि 2011 के एड्स रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 वर्षों भारत में नए एचआईवी संक्रमणों की संख्या में 50% तक की गिरावट आई है !!

Note –   “आखिर में एक बात कहना चाहूंगा, बीमारी से घृणा करो पीड़ित से नही.


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