प्रौद्योगिकी एवं समाज में भौतिकी का योगदान

praudyogikee evan samaj mein bhautik ka yogdan

प्रौद्योगिकी एवं समाज में भौतिकी का योगदान contribution of physics in technology and society

praudyogikee evan samaj mein bhautik ka yogdan

  • भौतिक विज्ञान, विज्ञान की एक महत्वपूर्ण शाखा है जिसके ज्ञान के बिना विज्ञान का अन्य शाखाओं का विकास संभव नहीं है। भौतिक विज्ञान का विज्ञान की सभी शाखाओं के विकास तथा समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान है।
  1. रसायन विज्ञान में भौतिकी का महत्व (Physics in relation to chemistry)-अणुओं के मध्य लगने वाले आन्तराण्विक बलों के आधार पर पदार्थ की रासायनिक संरचना, बंधों के प्रकार आदि का अध्ययन संभव हुआ है। X-किरणों के विवर्तन, परमाणु की संरचना, रेडियो एक्टिवता के आधार पर अनेक ठोसों की संरचनाओं का विस्तृत अध्ययन संभव हुआ है।
  2. जीव विज्ञान में भौतिकी का महत्व (Physics in relation to biological sciences)-प्रकाशीय सूक्ष्मदर्शी की सहायता से अनेक जैविक प्रतिदर्शी का अध्ययन किया जाता है। इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी के निर्माण से अनेक शारीरिक संरचनाओं का अध्ययन संभव हो सका।
  3. खगोल विज्ञान में भौतिकी का महत्व (Physics in relation to Astronomy)-प्रकाशीय दूरदर्शी की सहायता से विभिन्न ग्रहों की गति तथा आकाशीय पिण्डों का अध्ययन संभव हुआ है।
  4. गणित में भौतिकी का महत्व (Physics related to Mathematics)-भौतिकी के सिद्धान्तों द्वारा अनेक गणितीय विधियों का विकास संभव हुआ है। तकनीकी विकास विशेष रूप से भौतिकी के अनुप्रयोग (application) से सम्बनिधत है। भौतिकी के अनुप्रयोग पर आधारित कुछ नयी तकनीकों के उदाहरण निम्न प्रकार है
  • विद्युत उत्पादन विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के सिद्धान्त पर आधारित है।
  • डीजल, इंजन, पेट्रोल इंजन, भाप इंजन आदि ऊष्मागतिकी के नियमों पर आधारित है।
  • रेडियो, टेलीविजन, S.T.D., I.S.D. फैक्स, वायरलैस आदि विद्युत चुम्बकीय तंरगों के संचरण पर आधारित है।
  • परमाणु भट्टी तथा परमाणु बम का विकास नाभिकीय विखण्डन पर आधारित है।
  • रॉकेट नोदन न्यूटन के गति के द्वितीय तथा तृतीय नियम पर आधारित है।
  • वायुयानों का उड़ना बरनौली सिद्धान्त पर आधारित है।

भौतिक विज्ञान का समाज से सम्बन्ध

  • भौतिक विज्ञान पर आधारित खोजों का समाज पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ा है। आवागमन के साधनों तथा दूरसंचार के कारण सम्पूर्ण विश्व निकट आ गया है। आज हम विश्व के किसी भी कोने में तथा चन्द्रमा पर भी कम समय में जा सकते हैं। आवागमन के साधनों के कारण विभिन्न देशों तथा प्रदेशों के लोगों के बीच अन्तर समाप्त हो गया है। टेलीफोन, मोबाइल, टेलीप्रिंटर की सहायता से विश्व के दूरस्थ भागों में भी संदेशों का आदान-प्रदान तुरन्त हो जाता है। रेडियो तथा टेलीविजन की सहायता से हम सभी घटनाओं की जानकारी प्राप्त करते हैं। कम्प्यूटर हमारे लिए बहुत अधिक उपयोगी है इसकी सहायता से जटिल गणनाओं को आसानी से हल किया जा सकता है। भौतिक विज्ञान के विकास के कारण ही आज जीवन आसान व सुविधाजनक हो गया है।

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