राजस्थानी सिनेमा का सफर

राजस्थानी सिनेमा का सफर ( Rajasthani me Cinema )

राजस्थानी सिनेमा का सफर ( Rajasthani me Cinema )

राजस्थानी सिनेमा का सफर

  • पहली राजस्थानी फिल्म ‘नज़रानो’ 1942 में आई थी जबकि 100वीं राजस्थानी फिल्म ‘ओढ़ ली चुनरिया’ सन् 2008 में रिलीज हुई। 
  • जगमोहन मूंदड़ा की बहुचर्चित फिल्म ‘बवंडर’ (भंवरी देवी प्रकरण पर 2001 में बनी) ही एकमात्र फिल्मी रही, जिसका प्रदर्शन राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किया गया।
  • इसके अलावा बाबा रामदेव, बाबा सारी लाडली, बाई चाली सासरियै, सुपातर बीनणी, गौरी, लाज राखौ राणीसती, प्यारी चनणां, जय करणी माता एवं वीर Tejaji फिल्में राज्य भर में सराही गईं। 
  • राजस्थानी भाषा (सिनेमा) की पहली फिल्म ‘नज़रानो’, 1942 में बनी। इस फिल्म के निर्माता, निर्देशक एवं संगीतकार जी.पी. कपूर थे। नजरानो में नायक की भूमिका में महिपाल एवं नायिका की भूमिका में सुनयना थी। 
  • पहली लोकप्रिय राजस्थानी फिल्म बाबा सा री लाडली, 1961 में बनी। यह आंशिक रूप से रंगीन फिल्म थी।
  • पहली रगीन फिल्म लाज राखौ राणी सती (1913) थी। 
  • पहली डब फिल्म सती सुहागण (1982) थी। 
  • पहली बाल फिल्म ‘इँगर रो भेद‘ (1985) थी।
  • पहली सिनेमास्कोप एवं डॉल्वी साउण्डयुक्त फिल्म बवंडर (2001) थी। यह फिल्म भंवरी देवी प्रकरण पर आधारित थी तथा इसका निर्देशन जगमोहन मूंदड़ा ने किया था। इस फिल्म में भंवरी देवी का किरदार प्रसिद्ध हिन्दी अभिनेत्री नंदिता दास ने निभाया था। इस फिल्म का प्रदर्शन सम्पूर्ण भारत के अलावा विदेशों में भी हुआ। 
  • राजस्थानी सिनेमा में एकमात्र सफल अभिनेत्री नीलू’ हैं। नीलू ने अकेले ही 40 फिल्मों में काम किया है। 
  • राजस्थानी सिनेमा की 100वीं फिल्म ‘ओढ़ ली चुनरिया’ प्रदीप मारू द्वारा वर्ष 2008 में बनाई गई है। 

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