राजस्थान की प्रमुख नगरीय विकास योजनाएँ

राजस्थान की प्रमुख नगरीय विकास योजनाएँ

  • इस पोस्ट के माध्यम से राजस्थान की प्रमुख नगरीय विकास योजनाएँ के बारे में बताया जायगा। राजस्थान की प्रमुख नगरीय विकास योजनाएँ 12 प्रकार की है

Read Also —

राजस्थान की प्रमुख नगरीय विकास योजनाएँ

राजस्थान में आर्थिक नियोजन

(1) राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (RUIDP Rajasthan Urban Infrastructure Development Project)

  • प्रारम्भ-18 जनवरी, 2000
  • प्रारम्भ-(सम्मिलित शहर)-जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर, उदयपुर।
  • वित्तीय सहायता—एशियाई विकास बैंक (ADB, मुख्यालय-मनीला) द्वारा भारत सरकार को ऋण प्रदान किया जाता है। ADB इस ऋणि राशि का 70 प्रतिशत भाग 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से एवम् 30 प्रतिशत भाग अनुदान राशि के रूप में भारत सरकार को उपलब्ध करवाती है।

(2) राजस्थान शहरी क्षेत्र विकास विनियोजन कार्यक्रम (RUSDIP)

  • प्रारम्भ-2007
  • सम्मिलित शहर—अलवर, बाराँ, छबड़ा, बाड़मेर, भरतपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, धौलपुर, जैसलमेर, झालावाड़, झालरापाटन, करौली, नागौर, राजसमंद, सवाईमाधोपुर और सीकर। (कुल 17 शहर)
  • वित्तीय सहायता—परियोजना के लिए 70 प्रतिशत राशि ADB से तथा शेष 30 प्रतिशत राशि राज्य सरकार व स्थानीय निकायों से प्राप्त होगी। उद्देश्य सम्मिलित शहर क्षेत्रों में आधारभूत ढाँचा विकास के साथ ही समग्र सामाजिक आर्थिक विकास करना।

(3) जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन (JNNURM-Jawaharlal Nehru National Urban Reneual Mission)

  • सम्मिलित शहर-जयपुर, अजमेर-पुष्कर।
  • इस मिशन के अंतर्गत देश के 40 लाख से अधिक आबादी वाले 7 शहरों, 10 लाख से अधिक परन्तु 40 लाख की आबादी से कम वाले 28 शहरों एवं धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन महत्त्व के 28 शहरों का चयन किया गया है। मिशन की अवधि 7 वर्ष (2005-06 से 2012-13) रखी गई है।
  • इस मिशन के अन्तर्गत दो उप मिशन सम्मिलित हैं–
  1. शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं गवर्नेस-इस उप मिशन में पुराने शहरों की सड़कों को चौड़ा करना, पुराने पाइप लाइन, सीवरेज, ड्रेनेज का नवीनीकरण, जलापूर्ति, सफाई व्यवस्था, पार्किंग, हेरिटेज स्थानों का विकास, जल स्रोतों (Water Bodies) का संरक्षण आदि कार्य सम्मिलित है।
  2. शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सेवाएँ—चयनित शहरों के गंदी बस्तियों में आवास व आधारभूत सुविधाओं का विकास।
  • नोडल एजेन्सी राजस्थान अरबन इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस डवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड।

(4) लघु एवं मध्यम कस्बों में शहरी आधारभूत ढाँचा विकास योजना (UIDSSMT):

  • सम्मिलित शहर—INNURM में सम्मिलित जयपुर, अजमेर, पुष्कर के अलावा राज्य के सभी शहर इसमें शामिल हैं।
  • उद्देश्य-शहरी आधारभूत ढाँचे में सुधार कर शहरी सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाना। इस कार्य में लोक-निजी सहभागिता को बढ़ाना।

(5) एकीकृत आवास एवं गन्दी बस्ती विकास कार्यक्रम (IHSDP) —

  • वाल्मीकि अम्बेडकर आवास योजना एवं राष्ट्रीय गन्दी बस्ती विकास कार्यक्रम को समाहित कर बनाई गई नवीन योजना।
  • सम्मिलित शहर-JNNURM में सम्मिलित शहर (जयपुर, अजमेर, पुष्कर) के अतिरिक्त सभी शहर।
  • उद्देश्य-सम्मिलित शहरों की गंदी बस्तियों में आवास निर्माण एवं विकास कार्य करवाए जाकर शहरों को गंदी बस्तियों से मुक्त कराना।
  • वित्त पोषण-80% केन्द्रीय सहायता से तथा 20% राज्य/लाभार्थी/नोडल/कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा।
  • नोडल एजेंसी स्वायत्त शासन विभाग।

(6) मिशन अनुपम राजस्थान

  • प्रदेश के शहरों में निवेशकों और पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु शहरों में जन सहयोग से सौन्दर्गीकरण किये जाने की एक नई योजना।

(7) जयपुर एजेण्डा एक्शन ग्रुप (JAAG)

  • जयपुर शहर में नागरिक सुविधाओं में सुधार लाने हेतु मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जयपुर एजेण्डा एक्शन ग्रुप का गठन किया गया है। इस हेतु 9 प्वाँइट एक्शन प्लान तैयार किया गया है।
  • इसमें पेयजल वितरण, यातायात व्यवस्था, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं मौहल्ला विकास समितियों की भागीदारी को बढ़ावा देने, शहर की सफाई एवं ठोस कचरा प्रबंधन में सुधार, शहर में रात्रि बाजारों व फूड-कोर्ट्स इत्यादि, विषय एक्शन प्लान में शामिल किये गये।
  • जयपुर शहर की भाँति 6 संभागीय मुख्यालय वाले शहरों व अलवर में भी इस प्रकार एजेण्डा एक्शन ग्रुप का गठन करना प्रस्तावित है।

(8) कारकस यूटिलाइजेशन प्लांट

  • दिल्ली व जयपुर के बाद देश का तीसरा कारकस प्लांट (मत मवेशियों का निस्तारण कर उनके अवयवों से खाद बनाने का संयंत्र) जोधपुर में स्थापित किया जा रहा है।

(9) घरौंदा योजना

  • प्रारम्भ-अगस्त, 2004
  • उद्देश्य-सम्मिलित शहरों में गरीबों के लिए शुरू की गई ‘राजस्थान हाउसिंग बोर्ड’ की आवासीय योजना।

(10) द्वारकापुरी योजना

  • शहरी क्षेत्र के निर्धन परिवारों को आवास उपलब्ध कराने हेतु जयपुर के प्रताप नगर में “द्वारकापुरी बहुमंजिला आवासीय योजना” जो सितम्बर 2005 से शुरू की गई है।

(11) वैम्बे (वाल्मीकि-अम्बेडकर मलिन बस्ती आवासीय) योजना

  • नगर सुधार न्यास, अजमेर द्वारा गरीब परिवारों को बहुत कम मूल्य पर मकान बनवाकर देने के लिए ‘वाल्मीकि अम्बेडकर मलिन बस्ती आवासीय योजना’ (वैम्बे योजना) का शुभारम्भ नवम्बर, 2006 में किया। इसमें 20000 रु. न्यास देगा, पाँच हजार रु. आवंटी देगा एवं शेष 20000 रु. का बैंक से ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

(12) निर्मल पुरस्कार

  • स्थानीय नगरीय निकायों द्वारा शहरों, कस्बों को बेहतर बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो प्रकार के निर्मल पुरस्कार प्रारम्भ किये गये !
  1.  निर्मल कस्बा पुरस्कार-एक लाख से कम जनसंख्या वाले निकायों में से तीन निकायों को 2 लाख रु. का यह पुरस्कार प्रत्येक स्वतंत्रता दिवस को दिया जाता है।
  2.  निर्मल शहर पुरस्कार-एक लाख की जनसंख्या से अधिक आबादी वाले निकायों में से किसी एक निकाय को 5 लाख रुपये का यह पुरस्कार प्रत्येक गणतंत्र दिवस को दिया जाता है।

Leave a Reply