Introduction of Karnal District

Introduction of Karnal District , करनाल जनपद का परिचय

करनाल जनपद का परिचय ( Introduction of Karnal District )

करनाल जिले का परिचय

* करनाल जिले के रूप में विकसित : 1 नवम्बर, 1966
* उप-मण्डल : करनाल. असन्ध
* मुख्यालय : करनाल
* तहसील : करनाल, असन्ध
* क्षेत्रफल : 2,520 वर्ग किमी.
* उप-तहसील : नीलोखेड़ी, इन्द्री, घरोंडा निसिंग, बल्ला, निगधु

* खण्ड : घरोंडा. इन्द्री, करनाल, नीलोखेड़ी, निसिंग स्थित चीड़ाओं, असन्ध।
* विधानसभाई क्षेत्र : इन्द्री, नीलोखेड़ी, करनाल, जुंडला (अ.जा.), घरौंडा, असन्ध (अ.जा.)
* पर्यटन स्थल : कर्ण झील, ओसिस (ऊचाना), पुण्का पुल मजार।
* जनसंख्या (2011) : 15,05,324

  • पुरुष : 7,97,712
  •  महिलाएँ : 7,07,612

* जनसंख्या के अनुसार क्रम : 5वाँ
* दशकीय वृद्धि दर : (2001-2011) 18.14 प्रतिशत
* जनसंख्या घनत्व : 597 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी.

* लिंग अनुपात : 887 महिलाएं (1,000 पुरुषों पर)
* साक्षरता दर : 74.7 प्रतिशत

  •  पुरुष : 81.8 प्रतिशत
  •  महिला : 66.8 प्रतिशत

* अनुसूचित जाति जनसख्या (2011): 3,39,604

  •  पुरुष : 1,79,681
  •  महिला : 1,59,923

* नगरीय जनसंख्या (2011) : 30.27 प्रतिशत
* प्रमुख नगर : करनाल, नीलोखेड़ी, तारौरी, इन्द्री, ऊंचा सिवान, असन्ध, घरोंडा
* प्रमुख खनिज : शोरा
* नदी : यमुना
* प्रमुख उद्योग धन्धे : चीनी, जूता, वनस्पति घी आदि।

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करनाल शहर का इतिहास

  • > करनाल शहर को राजा कर्ण के द्वारा बसाया गया थाजिसका प्राचीन नाम “करणलय” हुआ करता था। 1739 में नादिरशाह की मोहम्मद शाह के खिलाफजीत के बाद यह शहर सुर्खियों में आया | जींद के राजा ने1763 मैं इस शहर को अपने कब्जे में किया और 1797 ईस्वी को जारज थामस ने इस पर अपना अधिकार जमालिया
  • >प्राचीन समय में अंबाला और करना अलग जिले नहीं थेतो उस समय 1841 ईस्वी में अंग्रेजों ने यहां पर अपनेसैनिक छावनी भी बनाई थी, लेकिन यहां पर मलेरियाफैलने के कारण वह इस शहर को छोड़कर चले गए थे ।
  • > इसके आसपास पानीपत, कैथल, और कुरुक्षेत्र की सीमालगती है और पूर्व में उत्तर प्रदेश की सीमा लगती है, जिसके साथ साथ यमुना नदी बहती है |
  • > करनाल में बड़े और मध्यम उद्योग भी काफीफेमस है जैसे लिबर्टी शूज लिमिटेड, फुटवियरलिबर्टी एंटरप्राइजेज, चमन लाल सेतिया एक्सपोर्ट आदि |
  • > विश्व प्रसिद्ध लिबर्टी जूता उद्योग करनाल के अंदर हीस्थित है जिसकी स्थापना सन 1959 ईस्वी में की गई थी। इन जूतों का निर्यात विदेशों के अंदर भी कियाजाता है।
  • > साल 1998 से जनता की सुविधा के लिए करनाल मेंपर्यावरण न्यायालय का कैंप कोर्ट लगाया जाताहै
  • >हरियाणा में नीला खेड़ी और करनाल में पोल्ट्री काप्रशिक्षण दिया जाता है।
  •  >हरियाणा इंस्टीट्यूट आफ रूरल डेवलपमेंट कीस्थापना नीलोखेड़ी में हुई है।
  •  >हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान की स्थापना सन1990 में की गई।
  •  >हरियाणा में विक्टोरिया मेमोरियल हॉल कीस्थापना भी यहीं पर हुई।
  •  >इग्नू केंद्रीय क्षेत्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना सन1991 में की गई।
  •  >1797 ईस्वी में जार्ज थामस ने करनाल को जीताथा।
  •  >करनाल नवीनतम पद्धति से बसाया गया शहर है।
  •  >रियाणा को कर्ण नगरी के नाम से भी जाना जाताहै।
  • >हरियाणा में एग्रो हब भी स्थित है।
  •  > करनाल का प्रमुख खनिज शोरा है।
  • हरियाणा का धान का कटोरा करनाल को कहा जाता है।

करनाल के प्रसिद्ध स्थल

  • > असंध – ऐसा माना जाता है कि असंद का प्राचीन नामअसंधिवत था | बाद में इसका नाम चेंज होकर असंध पड़ गयाऔर एक और अवधारणा यह भी है कि पहले यह असंध राजापरीक्षित की राजधानी हुआ करती थी ।
  • > घरौंडा – 1739 तक यह क्षेत्र दिल्ली द्वारा नियुक्त करनालके आमिल के अधीन रहा था | सन 1739 से 1783 तक सरहिंद के सूबेदार जिनखां का इस परनियंत्रण रहा । इसके बाद सन 1789 तक जींद के राजागजपत सिंह का इस पर अधिकार रहा था | सल्तनत काल मेंइस सराय का प्रबंध करनाल के फौजदार के द्वारा किया जाताथा। बंदा बहादुर ने 1709 ईस्वी में फौजदार का वध करकेकरनाल व घरोंडा पर अपना अधिकार कर लिया। गेट ऑफमुग़ल सराय भी घरौंडा में ही स्थित है।
  • > इंद्री – सन 1761 में मराठों पर विजय पाने के बाद अब्दालीने निजाबत खां के पुत्र दिलेरखान द्वारा प्रदत सहायता से खुश होकर उसे पुनः कुंजपुरा कानवाब बना दिया और उसकी रियासत में 150 गावों कोशामिल किया गया था | जिसमें इंद्री एक मुख्य गाव था ।उसके बाद यह कस्बा नवाब गुलशेर खान के अधीन रहाऔर इसके पश्चात यह रहमतखा ने इसका शासन संभालाऔर 1803 में अंग्रेजो की अधीनता स्वीकार कर ली
  • » यहां पर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कच्ची समाधि स्थित है | यह स्थल बाबा सिमरण दास की __ दशकों पुरानी कच्चीसमाधि है जो शुरूवाती समय से आज तक भी कच्ची ही है |
  • > तरावड़ी – मोहम्मद गोरी ने सन् 1191 में हिंदुस्तान परपहला आक्रमण किया था | जिसका मुकाबला दिल्ली में अजमेर के शासक पृथ्वीराज चौहान नेतरावड़ी के मैदान में किया था | इसे तरावड़ी यानिकी तराइनकी पहली लड़ाई के नाम से भी जाना जाता है | इस लड़ाई मेंमोहम्मद गौरी जख्मी होकर वापिस अफगानिस्तान भाग गयाथा तथा अगले वर्ष 1192 ईस्वी में मोहम्मद गोरी ने पूरी तैयारीके साथ पुनः आक्रमण किया और सेना एक बार फिर सेतरावड़ी के मैदान में हीभिड़ी और इस बार मोहम्मद गौरी कीविजय हुई । इसके अलावा तरावड़ी विश्व में अपनी कसम के सर्वोत्तम बासमती चावल के लिए विख्यात है
  • > नीलाखेड़ी – इस कस्बे की स्थापना सन 1947 मेंविस्थापितों के पुनर्वास हेतू की गई थी | नीलाखेड़ी में राजकीय बहुतकनीकी संस्थान (पॉलिटेक्निक) स्थितहै, इसलिए यह काफी फेमस है | इसके अलावा यहां परवर्ष 1990 में हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान कीस्थापना की गई थी । इन परियोजनाओं में सफल गांव को आदर्श गांव घोषितकिया जाता है |
  • » सालवन गांव – करनाल के इस गांव को मेलों कागांव कहते हैं। यह गांव कभी सालवीन राजा कीराजधानी हुआ करती थी।
  • > कुंजपुरा – इसकी स्थापना पठान सके निजाबत खान ने कीथी। कुंजपूरा निजावत खान की राजधानी भी रहा था। हरियाणा का पहला सैनिक स्कूल यहींपर स्थित है। जिसकी स्थापना सन 1961 में की गईथी। यह सैनिक स्कूल छोटी-छोटी ईटों से बना हुआहै। यह स्कूल पुरानी हवेली में संचालित है।

करनाल के प्रसिद्ध युद्ध

करनाल का युद्ध

  • > करनाल का युद्ध ईरानी शासक नादिरशाह औरमोहम्मद शाह के बीच 24 फरवरी 1739 ईस्वी कोहुआ था  जिसमें नादिरशाह की जीत हुई थी। इसकेबाद नादिरशाह मयूर सिंहासन और कोहिनूर हीरे कोअपने साथ ले गया था। मयूर सिंहासन को शाहजहांने बनवाया था। मयूर सिंहासन पर बैठने वालाअंतिम मुगल शासक मोहम्मद शाह ही था। मोहम्मदशाह को ही रंगीला बादशाह के नाम से भी जानाजाता है।
  • > तराइन का प्रथम युद्ध – यह युद्ध 1191 ईस्वी मेंपृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गौरी के बीच
  • हुआ था। जिसमें पृथ्वीराज चौहान की जीत हुई थी।
  • > तराइन का द्वितीय – यह युद्ध 1192 ई. मेपृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गौरी के बीच ही हुआ
  • था और इस युद्ध में मोहम्मद गोरी की जीत हुई थी।
  • > तराइन का तृतीय युद्ध – यह युद्ध इल्तुतमिश वताजुद्दीन यलदौज ऐबक का दामाद के बीच
  • 1215 ई. मे हुआ था। जिसमें इल्तुतमिश की जीत हुईथी।

 महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल

  • » देवी मंदिर, सालवन – करनाल जिले के गांव सालवनको मेलों का गांव भी माना जाता है | इस गांव मेंमहाराजा युधिष्ठिर ने दशाश्वमेघ यज्ञ का आयोजन कियाथा | यह गांव कभी राजा शालिवान की राजधानी हुआकरता था ।
  • > मामा-भांजा मुगलसराय, घरौंडा – यह सराय दिल्ली लाहौर मार्ग पर घरौंडा में 1632 ईस्वी में सम्राट शाहजहांके शासनकाल में खान फिरोज ने विश्रामगृह के रूप मेंबनवाई थी । भारत सरकार की अधिसूचना के तहत इसे1 दिसंबर 1914 को राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्मारकघोषित किया गया है |
  • >कर्ण झील तथा ओयसिस – कर्ण झील का निर्माण राजाकर्ण के द्वारा करवाया गया था यह 17 एकड़ में फैली हुईहै उसका पुनः निर्माण सन 1972 में करवा गया करनाल में पर्यटन विभाग ने शेरशाह सूरी मार्ग परअंबाला की ओर लगभग 4 किलोमीटर दूर पश्चिमी यमुनानहर के दोनों और लगभग 60 कनाल भूमि पर “कर्णझील” तथा “ओयसिस” नामक पर्यटक स्थल विकसितकिए हैं ।> सेंट जेम्स चर्च टावर – यह करनाल की एक पराचीनप्राचीन एतिहासिक धरोहर है | इस टावर का निर्माण1806 ईस्वी में हुआ था | उस समय करनाल ब्रिटिशसैनिक छावनी का हिससा हुआ करता था ।
  • » सीतामाई सीमागढ़ का मंदिर – यह हरियाणा का एकमात्रसीता माता का मंदिर है  14 वर्ष वनवास के बाद भगवान रामके आदेश पर लक्ष्मण ने सीता को जिस जंगल में छोड़ा थाउसका नाम “लाडबन” था | उस जंगल की पश्चिम दिशा में महर्षि वाल्मीकि आश्रमथा, जहां सीता अपने वनवास के दौरान रह रही थी | एसामाना जाता है कि इसी स्थान पर सीता जमीन में समा गई थी | आज उसी स्थान पर “सीतामाई मंदिर” निर्मित किया गया है |
  • » माता बाला सुंदरी मंदिर बड़ा गांव – करनाल जिले केबड़ा गांव में माता बाला सुंदरी मंदिर स्थित है.» निर्मल कुटिया – बाबा निक्का सिंह महाराज स्वंम छोटीकुटिया में रह कर कई लोगों की सेवा सहायता कियाकरते थे | बाबा के ब्रह्मालीन होने के बाद वर्ष 1960 मेंबाबा की याद में उनके अनुयायियों ने उनकी कुटिया को“निर्मल कुटिया” के नाम से नवाजा और यहां पर इसकुटिया की स्थापना कर दी गई ।
  • » गांधी मेमोरियल हॉल – महारानी विक्टोरिया की याद मेंबने इस हाल का नाम स्वतंत्रता के बाद महात्मा गांधी केनाम पर रख दिया गया |
  • >दरगाह कलंदर शाह – इसकानिर्माण अलाउद्दीन खिलजी के सुपुत्र खिजान खान औरशादी खान द्वारा कराया गया था | बू अली शाह कलंदर, सालार फकिरूदिन का पुत्र था और । अनुमान है किउनका जन्म सन 1190 ईसवी में हुआ था |
  • » अटल पार्क – करनाल शहर के सौंदर्यकरण हेतु सेक्टर7 और 8 में लगभग 56 एकड़ क्षेत्र में निर्मित किया गयाहै ।
  • > तरावड़ी – मध्यकाल में 1191 वह 1192 ईस्वी मेंमोहम्मद गोरी व पृथ्वीराज चौहान के मध्य तराइनका प्रथम व द्वितीय युद्ध ईसी तरावड़ी क्षेत्र में हुआथा । तरावड़ी में औरंगजेब के पुत्र आजम खान काजन्म हुआ था। आजम के नाम पर इस जगह कानाम आजमाबाद रखा गया था बाद में बदलते बदलते यह तरावड़ी हो गया।
  • > विक्टोरिया मेमोरियल हॉल – आजादी के बाद इसकानाम गांधी मेमोरियल हाल कर दिया गया।

 प्रमुख व्यक्ति

  • >गूगल बॉय कौटिल्य पंडित करनाल के कोहंड गांव के रहने वाले हैं। इन्होंने 14 नवंबरसन 2013 को के.बी.सी. में 10 लाख ₹ जीते थे।
  • > कल्पना चावला – इनका जन्म 1 जुलाई सन1961 को हुआ था और इनकी मृत्यु 1 फरवरी सन2003 को कोलंबिया यान हादसे में हुई थी। यहभारत की पहली महिला है जो अंतरिक्ष मेंगई थी। इन्हींके नाम पर कल्पना चावला विश्वविद्यालय की स्थापना 1 दिसंबर सन 2012 को 100 एकड़ जमीन पर की गई। 15 जनवरी सन 2018 को इस विश्वविद्यालय का नया नाम पंडितदीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय कर दिया गया।

प्रमुख पुस्तकालय –

  1.  पुरुषोत्तम पुस्तकालय, 1978
  2.  प्रजापत पुस्तकालय, 1966
  3.  जिला पुस्तकालय, 1985
  4.  शहीद भगत सिंह पुस्तकालय, 2006
  5.  पाश पुस्तकालय

 करनाल के प्रमुख मेले

  1.  बाबा सिमरन दास का मेला – इंद्री
  2.  पराशर का मेला – तरावड़ी
  3.  छड़ियों का मेला – करनाल
  4.  पांडू मेला – पापहाना
  5.  सारस मेला – करनाल

विधानसभा क्षेत्र

  1.  करनाल
  2.  असंध
  3.  घरौंडा
  4.  इंद्री
  5.  नीलोखेड़ी

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