Part of Co-operative Movement in Rajasthan

Part of Co-operative Movement in Rajasthan ( राजस्थान में सहकारिता आंदोलन के प्रकार )

1. साख सहकारिता

  • राज्य में साख सहकारिता के अंतर्गत किसानों को साख उपलब्ध करवाने हेतु दो तरह की व्यवस्था है—
    (A) अल्पकालीन या मध्यकालिक साख
    (B) दीर्घकालिक साख।
    • राजस्थान में किसानों के 90% साख ऋण सहकारी संस्थाओं द्वारा दिये जाते हैं। (स्रोत-आर्थिक समीक्षा, 2009-10)

2.- विपणन सहकारिता

राज्य में विपणन सहकारिता की द्विस्तरीय व्यवस्था है।

  • (i) शीर्ष स्तर—राजफैड (राजस्थान राज्य सहकारी क्रय-विक्रय संध) [RAJFED—Rajasthan State Cooperative Marketing Federation Limited]
  • मुख्यालय-जयपुर
  • स्थापना-26 नवम्बर, 1957
  • उद्देश्य— किसानों को उन्नत कृषि आदानों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना। राजफैड पशु आहार की गुणवत्ता के लिए अन्तरराष्ट्रीय मानक ISO : 9001 प्राप्त करने वाली देश की प्रथम इकाई है।

राजफैड निम्न इकाइयों का संचालन का कार्य भी करता है

  1. पशु आहार संयंत्र (झोटवाड़ा, जयपुर) (स्थापना-1971)
  2. कीटनाशक दवाई संयंत्र (झोटवाड़ा, जयपुर) (स्थापना – 1969)
  3. ईसबगोल संयंत्र-आबूरोड एवं सिरोही
  4.  सहकारी ग्वारगम, नागौर

राजफैड राज्य में एफ.सी.आई. (भारतीय खाद्य निगम) व नेफैड (राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ) के एजेन्ट के रूप में कार्य करता है।

3. उपभोक्ता सहकारिता

  • उपभोक्ता सहकारिता का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर अच्छी किस्म की दैनिक उपभोग की वस्तुएँ उपलब्ध करवाना है।
  • राज्य में सर्वप्रथम उपभोक्ता सहकारिता का प्रारम्भ 1919 में रेलवे कर्मचारियों द्वारा प्रथम सहकारी उपभोक्ता भण्डार के गठन से हुआ।
  • शीर्ष स्तर-कॉन फैड (राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता भण्डार संघ) (Confed-Cooprative Consumer Federation Limited)
  • जिला स्तर–सहकारी उपभोक्ता हॉलसेल भण्डार (कुल 32)

4. महिला सहकारिता

  • “महिलाओं की, महिलाओं के लिए एवं महिलाओं के द्वारा” सिद्धान्त पर संचालित महिला सहकारी समितियों का गठन किया गया जिसका उद्देश्य महिला सदस्यों से छोटी-छोटी बचत संग्रहित करके उनकी ऋण जरूरतों को पूरा करके एवं व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन करके महिला सशक्तीकरण का लक्ष्य प्राप्त करना है।

महिला सहकारिता से सम्बन्धित योजनाएँ

  • महिला नागरिक सहकारी बैंक-महिलाओं द्वारा संचालित नागरिक बैंक। राज्य का प्रथम महिला नागरिक सहकारी बैंक–राजपूताना (अगस्त 1995), जयपुर
  • नागरिक सहकारी बैंक, जयपुर (स्थापना 30 अगस्त, 1995 )
  • राज्य में 6 महिला नागरिक सहकारी बैंक कार्यरत हैं, ये जयपुर (2. राजपूताना महिला नागरिक सहकारी बैंक व राजलक्ष्मी महिला नागरिक सहकारी बैंक), उदयपुर (2), भीलवाड़ा, कोटा में कार्यरत है।
  • महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति—महिलाओं द्वारा संचालित समितियाँ दुग्ध संग्रहण एवं दुग्ध निर्मित उत्पादों के विक्रय का कार्य करती है।
  • महिला मिनी बैंक-अपना बचत घर योजना के अंतर्गत महिला ग्राम सेवा सहकारी समितियों को महिला मिनी बैंक के रूप में विकसित किया जाता है, इसमें सदस्य महिलाएँ बचत जमा करवाती हैं एवं जरूरतमंद महिलाओं को ऋण उपलब्ध करवाती हैं। राज्य में कल 40 महिला मिनी बैंक कार्यरत हैं, ऐसे प्रथम महिला मिनी बैंक की स्थापना 17 जनवरी, 2001 को जालौर जिले के आकोली ग्राम में की गई।

5.- आवास सहकारिता

  • आवास सहकारिता का उद्देश्य गृह निर्माण सहकारी समितियों के माध्यम से सदस्यों को आवास सुलभ कराने के लिए दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने के अलावा आवासीय कॉलोनियों का निर्माण कर सस्ती दर पर मकान उपलब्ध कराना है।  गृह निर्माण सहकारी समितियों की शीर्ष संस्था के रूप में राजस्थान राज्य सहकारी आवास संघ लिमिटेड (स्थापना1970) कार्यरत है जिसका मुख्यालय जयपुर में है।

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