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राजस्थान के प्रमुख महोत्सव

rajasthan ke pramukh mahotsav

राजस्थान में आयोजित होने वाले महोत्सव rajasthan ke pramukh mahotsav महोत्सव स्थान समय गणगौर महोत्सव जयपुर चैत्र कृष्णा प्रतिपदा से चैत्र शुक्ला तृतीया तक मारवाड़ महोत्सव जोधपुर आश्विन माह की (शरद) पूर्णिमा (सितम्बर-अक्टूबर) मरू मेला/महोत्सव (डेजर्ट महोत्सव) जैसलमेर माघ शुक्ला तेरस से पूर्णिमा तक (जनवरी-फरवरी) थार महोत्सव बाड़मेर   शरद महोत्सव माऊण्ट आबू (सिरोही) दिसम्बर …

राजस्थान के प्रमुख पशु मेले

rajasthan ke pramukh pashu mele

राजस्थान में आयोजित होने वाले पशु मेले rajasthan ke pramukh pashu mele पशु मेले का नाम स्थान विशेष विवरण व समय आमेट पशु मेला आमेट (राजसमंद) आश्विन कृष्णा ग्यारस से शुक्ला एकम् तक मल्लीनाथ पशु मेला तिलवाड़ा (बाड़मेर) चैत्र कृष्णा 11 से चैत्र शुक्ला 11 तक वीर तेजाजी पशु मेला परबतसर (नागौर) श्रावण पूर्णिमा से …

राजस्थान की प्रमुख जनजातियाँ

rajasthan ki pramukh janjatiya

राजस्थान की प्रमुख जनजातियों का सामाजिक, सांस्कृतिक व आर्थिक जीवन राजस्थान की प्रमुख जनजातियाँ ( rajasthan ki pramukh janjatiya ) भील जनजाति राजस्थान की दूसरी सबसे बड़ी जनजाति (प्रथम मीणा)। भील शब्द ‘द्रविड़ भाषा के ‘बिल’ शब्द का अपभ्रंश है, बिल का शाब्दिक अर्थ है-‘तीर-कमान’। राजस्थान में भील जनजाति उदयपुर (सर्वाधिक), बाँसवाड़ा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, भीलवाड़ा, सिरोही इत्यादि …

राजस्थान के प्रमुख आभूषण

rajasthan ke pramukh aabhushan

राजस्थान के प्रमुख आभूषण rajasthan ke pramukh aabhushan राजस्थानी पुरुषों के आभूषण सिर के आभूषण – मुकुट, कलंगी, सिरपेच, सेहरा। कान के आभूषण – मुरकी, ओगनिया, लूँग। गले में पहने जाने वाले आभूषण – कंठा, चौकी या फूल । हाथ में पहने जाने वाले आभूषण – कड़ा, मूरत, ठाला, ताती, माठी। राजस्थानी महिलाओं के आभूषण सिर …

राजस्थानी वेशभूषा (पहनावा)

rajasthan ki pramukh veshbhusha

राजस्थानी वेशभूषा (पहनावा) rajasthan ki pramukh veshbhusha वेश-भूषा किसी भी समाज के जीवन आधारों, परम्पराओं, रीतिरिवाज, भौगोलिक दशा इत्यादि पर आधारित होती है। राजस्थान की वेश-भूषा प्राचीनता और विविधता की झलक लिए हुए हैं इसलिए तो कहा जाता है रंगीलो राजस्थान। राजस्थान में  पुरुषों की वेशभूषा पगड़ी-पगड़ी सिर पर बाँधा जाने वाला वस्त्र है। यह …

राजस्थान के प्रमुख रीति रिवाज

Rajasthan ke Pramukh Riti Riwaj

राजस्थान के प्रमुख रीति रिवाज Rajasthan ke Pramukh Riti Riwaj  राजस्थानी रीति रिवाज राजस्थानी लोगों के जीवन में रीति-रिवाज व संस्कारों का महत्त्वपूर्ण स्थान है। राजस्थान के रीति-रिवाज या संस्कारों को चार भागों में बाँटा जा सकता है— (1) जन्म से सम्बन्धित रीति-रिवाज/संस्कार; (2) विवाह से सम्बन्धित रीति-रिवाज/संस्कार; (3) शोक या गमी की रस्में, (4) …

राजस्थान के प्रमुख मेले

rajasthan ke pramukh mele

राजस्थान के प्रमुख मेले rajasthan ke pramukh mele मेला स्थान जहाँ मेला भरता है आयोजन तिथि फूलडोल का मेला रामद्वारा (शाहपुरा, भीलवाड़ा) चैत्र कृष्णा प्रतिपदा से पंचमी तक शीतला माता मेला शील की दूंगरी (चाकसू, जयपुर) चैत्र कृष्णा अष्टमी ऋषभदेव जी मेला ऋषभदेव (धुलेव, उदयपुर) चैत्र कृष्णा अष्टमी-नवमी घोटिया अम्बा मेला घोटिया (बारीगामा, बाँसवाड़ा) चैत्र …

राजस्थान के प्रमुख मुस्लिम त्योहार

rajasthan ke pramukh muslim tyohar

राजस्थान के प्रमुख मुस्लिम त्योहार rajasthan ke pramukh muslim tyohar मुस्लिम महीने 1. मोहर्रम, 2. सफर, 3. रवि-उल-अव्वल, 4. रवि-उलसानी, 5. जमादि-उल-अव्वल, 6. जमादि-उल-सानी, 7. रज्जब, 8. सावान, 9. रमजान, 10. शव्वाल, 11. जिल्काद, 12. जिलहिज मोहर्रम – मुसलमानों के हिजरी सन् का पहला महीना। मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की कर्बला के …

राजस्थान के प्रमुख त्यौहार/पर्व

rajasthan ke parmukh tyohar

राजस्थान के प्रमुख त्यौहार/पर्व rajasthan ke parmukh tyohar चैत्र माह राजस्थान में वर्ष का प्रारम्भ चैत्र प्रतिपदा से माना जाता है। शुक्ल पक्ष प्रथमा : नववर्ष प्रतिपदा-हिन्दू धर्म के विक्रम सम्वत का प्रारम्भ (नव संवत्सर), बसंत नवरात्रा प्रारम्भ, अरुन्धती व्रत, करणी माता मेला देशनोक में प्रारम्भ । द्वितीया : सिंजारा-पुत्री व पुत्रवधू के प्रति प्रेम …

राजस्थान के प्रमुख लोक संत

rajasthan ke pramukh lok sant

राजस्थान के प्रमुख लोक संत rajasthan ke pramukh lok sant संत जाम्भोजी : विप्नोई सम्प्रदाय विश्नोई सम्प्रदाय के प्रवर्तक जाम्भोजी थे इनका मूल नाम धनराज था । जन्म सन् 1457 ईस्वी में जन्माष्टमी के दिन नागौर जिले के पीपासर गाँव में हुआ । इनके पिता का नाम लोहर जी व माता का नाम हंसादेवी था …