What is G-7 ( G-7 Kya Hai)

What is G-7 ( G-7 Kya Hai)

G-7

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में G-7 का 45 वाँ सम्मेलन फ्रॉस के Biarritz (बिआरिट्ज) में 24-26 अगस्त को सम्पन्न हुआ।

थीम – “असमानता का मुकाबला करना* (Fighting Against Inequality)

  • इसमें सभी सदस्य राष्ट्रों सहित यूरोपीयन यूनियन (EU) ने भाग लिया।
  • आमंत्रित राष्ट्र – भारत, ईरान, आस्ट्रेलिया, रवांडा, चिली, दक्षिण अफ्रिका, स्पेन, सेनेगल, बुर्किना पासो।

* चर्चा में रहे विषय –

(1) वैश्विक व्यापार,
(2) जलवायु परिवर्तन व ग्लोबल वार्मिंग
(3) अमेजन वर्षावनों में लगी आग – इस हेतु फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा “Our House is Burning, Literrally”.

* प्रमुख घोषणाएं –

  1.  ग्लोबल इकॉनोमी की अस्थिरता समाप्त कर इसे निष्पक्ष करना व ट्रेड वॉर समाप्त करना।
    2. 2020 तक नियामक बाधाओं को आसान करना व OECD (Organisation for Economic Corporation and Development) के अन्तर्गत अंतर्राष्ट्रीय करों को आधुनिक बनाना।
    3. ईरान न्यूक्लियर हथियार प्राप्त नहीं करेगा व क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देगा।
    4. यूक्रेन में स्थिरता हेतु फ्रांस व जर्मनी संयुक्त प्रयास करेंगे।
    5. लिबिया में शांति स्थापित हो व स्थिरता लाने हेतु संयुक्त राष्ट्र संघ, G-7 राष्ट्र व अफ्रिकन संघ संयुक्त रूप से प्रयास करेंगे।
    6. हांगकांग हेतु चीन व ब्रिटिश संयुक्त घोषणा पत्र 1984 के महत्व को माना।

G-7 में भारत –

  1.  कश्मीर समस्या हेतु तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को नकारा।
    2. भारत-यूएसए के मध्य व्यापार को बढ़ावा देने हेतु भारत तेल सहित प्राकृतिक गैस के आयात पर बल देगा।
    3. पेरिस जलवायु समझौते के अनुसार भारत फ्लोरा व फौना संरक्षण, सौलर ऊर्जा, जल संरक्षण पर ध्यान देगा व इस हेतु भारत ने हाल ही ‘सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक की घोषणा की।
  2.  डिजिटल पैमेंट को बढ़ावा देगा।

* G-7

  • → 1973 के तेल संकट के पश्चात 1975 में G-6 की स्थापना छः राष्ट्रों (USA, UK फ्रांस, इटली, जर्मनी, जापान) ने की।
  • → 1976 में कनाडा इसका सदस्य बना व यह G-7 बना।
  • → 1998 में रूस सदस्य बना तथा यह समूह G-8 बना परन्तु 2014 के यूक्रेन संकट के पश्चात् रूस को संगठन से बाहर किया गया।
  • » G-7 विश्व की विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जो 40% वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करता है।

» सम्मेलन प्रतिवर्ष होता है –

  • 44 वाँ सम्मेलन 2018 – कनाडा
  • 45 वौँ सम्मेलन 2019 – फ्रांस
  • 46 वाँ सम्मेलन 2020 – यूएसए में प्रस्तावित

G-7 के कार्य –

  1.  वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करना।
    2. अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा करना।
    3. जलवायु परिवर्तन पर ध्यान देना।
    4. लैगिक समानता के मुद्दों पर गौर करना।

चुनौतियां व कमियाँ –

  1.  G-7 राष्ट्रों में आपसी असहमति होना।
    2. G-20 के बाद कम प्रभावी हो जाना।
    3. अफ्रीका, लैटिन अमेरिका से सदस्य न होना।
    4. उभरती अर्थव्यवस्थाओं ब्राजील, भारत, चीन का इस समूह का हिस्सा न होना।

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